Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.48.33: सुभद्रा का पुत्र यद्यपि बालक है, परन्तु उसका पराक्रम नवयुवकों जैसा है। वह इंद्र के समान शक्तिशाली है और शस्त्र विद्या में पारंगत है। जब वह भयंकर राक्षस की भाँति शत्रु सेना पर आक्रमण करेगा, तो दुर्योधन को युद्ध आरम्भ करने पर बड़ा पश्चाताप होगा। | mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुभद्रा का पुत्र यद्यपि बालक है, परन्तु उसका पराक्रम नवयुवकों जैसा है। वह इंद्र के समान शक्तिशाली है और शस्त्र विद्या में पारंगत है। जब वह भयंकर राक्षस की भाँति शत्रु सेना पर आक्रमण करेगा, तो दुर्योधन को युद्ध आरम्भ करने पर बड़ा पश्चाताप होगा।
Though Subhadra's son is a child, his prowess is like that of a youth. He is as powerful as Indra and is well versed in the art of weapons. When he will attack the enemy army like a fierce demon, Duryodhan will feel great remorse for starting the war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥