Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.44.24: राजन! यशस्वी मनुष्य अपने पुण्य कर्मों से ही नाशवान लोकों को प्राप्त होते हैं; किन्तु ब्रह्म को जानने वाला विद्वान् ही उस ज्ञान के द्वारा सभी रूपों में ईश्वर को प्राप्त होता है। ज्ञान के अतिरिक्त मोक्ष का कोई दूसरा मार्ग नहीं है॥24॥ | mahabharat अध्याय 5.44: ब्रह्मचर्य तथा ब्रह्मका निरूपण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! यशस्वी मनुष्य अपने पुण्य कर्मों से ही नाशवान लोकों को प्राप्त होते हैं; किन्तु ब्रह्म को जानने वाला विद्वान् ही उस ज्ञान के द्वारा सभी रूपों में ईश्वर को प्राप्त होता है। ज्ञान के अतिरिक्त मोक्ष का कोई दूसरा मार्ग नहीं है॥24॥
Rajan! Successful people attain the perishable worlds only through their virtuous deeds; But only he who is a scholar who knows Brahma, attains God in all forms through that knowledge. There is no other path to salvation except knowledge. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥