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mahabharat 5.44.20: इस ब्रह्मचर्य का पालन करने से ही देवताओं को देवत्व प्राप्त हुआ और परम भाग्यशाली बुद्धिमान ऋषियों को ब्रह्मलोक की प्राप्ति हुई।   |   mahabharat अध्याय 5.44: ब्रह्मचर्य तथा ब्रह्मका निरूपण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 44: ब्रह्मचर्य तथा ब्रह्मका निरूपण  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.44.20 
एतेन ब्रह्मचर्येण देवा देवत्वमाप्नुवन्।
ऋषयश्च महाभागा ब्रह्मलोकं मनीषिण:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इस ब्रह्मचर्य का पालन करने से ही देवताओं को देवत्व प्राप्त हुआ और परम भाग्यशाली बुद्धिमान ऋषियों को ब्रह्मलोक की प्राप्ति हुई।
 
It is by observing this celibacy that the gods attained divinity and the highly fortunate wise sages attained Brahmaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)