Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.43.46: कुछ लोगों का यज्ञ मन से, कुछ का वाणी से और कुछ का कर्म से होता है। सच्चे संकल्प वाला मनुष्य अपने संकल्प के अनुसार ही लोकों को प्राप्त करता है ॥46॥ | mahabharat अध्याय 5.43: ब्रह्मज्ञानमें उपयोगी मौन, तप, त्याग, अप्रमाद एवं दम आदिके लक्षण तथा मदादि दोषोंका निरूपण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ लोगों का यज्ञ मन से, कुछ का वाणी से और कुछ का कर्म से होता है। सच्चे संकल्प वाला मनुष्य अपने संकल्प के अनुसार ही लोकों को प्राप्त करता है ॥46॥
Some people's yagya is performed through mind, some through speech and some through action. A man of true resolve attains worlds only according to his resolve. 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥