Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.41.2: विदुर बोले - भरतवंशी धृतराष्ट्र! संसुतजात नाम से प्रसिद्ध परम प्राचीन सनातन ऋषि कुमार (ब्रह्माजी के पुत्र) ने (एक बार) कहा था - 'मृत्यु नहीं है'॥2॥   |   mahabharat अध्याय 5.41: विदुरजीके द्वारा स्मरण करनेपर आये हुए सनत्सुजात ऋषिसे धृतराष्ट्रको उपदेश देनेके लिये उनकी प्रार्थना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 41: विदुरजीके द्वारा स्मरण करनेपर आये हुए सनत्सुजात ऋषिसे धृतराष्ट्रको उपदेश देनेके लिये उनकी प्रार्थना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.41.2 
विदुर उवाच
धृतराष्ट्र कुमारो वै य: पुराण: सनातन:।
सनत्सुजात: प्रोवाच मृत्युर्नास्तीति भारत॥ २॥
 
 
अनुवाद
विदुर बोले - भरतवंशी धृतराष्ट्र! संसुतजात नाम से प्रसिद्ध परम प्राचीन सनातन ऋषि कुमार (ब्रह्माजी के पुत्र) ने (एक बार) कहा था - 'मृत्यु नहीं है'॥2॥
 
Vidur said – Dhritarashtra of Bharatvanshi! Kumar (son of Brahmaji), the most ancient eternal sage, known by the name 'Sansutjaat', had (once) said - 'There is no death'. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)