Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.41.1: धृतराष्ट्र बोले - विदुर! यदि आपके पास कहने को कुछ रह गया हो तो मुझे बताइए। मैं उसे सुनने के लिए बहुत उत्सुक हूँ, क्योंकि आपके कहने का ढंग अनोखा है।   |   mahabharat अध्याय 5.41: विदुरजीके द्वारा स्मरण करनेपर आये हुए सनत्सुजात ऋषिसे धृतराष्ट्रको उपदेश देनेके लिये उनकी प्रार्थना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 41: विदुरजीके द्वारा स्मरण करनेपर आये हुए सनत्सुजात ऋषिसे धृतराष्ट्रको उपदेश देनेके लिये उनकी प्रार्थना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.41.1 
धृतराष्ट्र उवाच
अनुक्तं यदि ते किंचिद् वाचा विदुर विद्यते।
तन्मे शुश्रूषतो ब्रूहि विचित्राणि हि भाषसे॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - विदुर! यदि आपके पास कहने को कुछ रह गया हो तो मुझे बताइए। मैं उसे सुनने के लिए बहुत उत्सुक हूँ, क्योंकि आपके कहने का ढंग अनोखा है।
 
Dhritarashtra said - Vidur! If you have left something to say, then tell me. I am very eager to hear it because your way of saying it is unique.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)