श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 4: राजा द्रुपदकी सम्मति  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.4.10 
तत् त्वरध्वं नरेन्द्राणां पूर्वमेव प्रचोदने।
महद्धि कार्यं वोढव्यमिति मे वर्तते मति:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम्हारा निमंत्रण सब राजाओं तक पहले ही पहुँच जाना चाहिए; इसके लिए शीघ्रता करो। मैं समझता हूँ कि हम सबको एक महान कार्य का भार उठाना है ॥10॥
 
Therefore, your invitation should reach all the kings in advance; hurry up for this. I understand that all of us have to bear the burden of a great task. ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)