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अधर्मोपार्जितैरर्थैर्य: करोत्यौर्ध्वदेहिकम्।
न स तस्य फलं प्रेत्य भुङ्क्तेऽर्थस्य दुरागमात्॥ ६६॥
अनुवाद
जो व्यक्ति अधर्म से अर्जित धन से आध्यात्मिक कार्य करता है, उसे मृत्यु के बाद उसका लाभ नहीं मिलता, क्योंकि उसका धन गलत तरीकों से अर्जित किया गया होता है।
He who performs spiritual deeds with money earned through unrighteous means does not reap the benefits of it after death because his wealth is earned through wrong means.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥