Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.39.34: बड़े-बड़े विद्वान् लोगों द्वारा दिया गया ज्ञान भी व्यर्थ है, यदि उससे कर्तव्य का ज्ञान न हो अथवा ज्ञान प्राप्त हो भी जाए तो उसका प्रयोग न किया जाए ॥ 34॥ | mahabharat अध्याय 5.39: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असम्यगुपयुक्तं हि ज्ञानं सुकुशलैरपि।
उपलभ्यं चाविदितं विदितं चाननुष्ठितम्॥ ३४॥
अनुवाद
बड़े-बड़े विद्वान् लोगों द्वारा दिया गया ज्ञान भी व्यर्थ है, यदि उससे कर्तव्य का ज्ञान न हो अथवा ज्ञान प्राप्त हो भी जाए तो उसका प्रयोग न किया जाए ॥ 34॥
Even the knowledge imparted by the most proficient scholars is useless if it does not lead to the knowledge of the duty or if the knowledge is gained, it is not applied. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥