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श्लोक  5.39.31 
दुर्योधनेन यद्येतत् पापं तेषु पुराकृतम्।
त्वया तत् कुलवृद्धेन प्रत्यानेयं नरेश्वर॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
हे नरसिंह! यदि दुर्योधन ने पूर्वकाल में पाण्डवों के प्रति यह अपराध किया है, तो आप इस कुल में सबसे बड़े हैं; आपको इसका प्रायश्चित करना चाहिए।
 
O lord of men! If Duryodhan has committed this crime against the Pandavas in the past, then you are the eldest in this clan; you should wash it away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)