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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 38: विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश
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श्लोक 34
श्लोक
5.38.34
विद्याशीलवयोवृद्धान् बुद्धिवृद्धांश्च भारत।
धनाभिजातवृद्धांश्च नित्यं मूढोऽवमन्यते॥ ३४॥
अनुवाद
भारत! मूर्ख व्यक्ति सदैव विद्या, वर्ण, आयु, बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ठ लोगों का अनादर करता है॥34॥
Bharat! A foolish person always disrespects the people who are superior in knowledge, character, age, wisdom, wealth and family. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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