Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.69: रोगग्रस्त व्यक्ति मीठे फलों का स्वाद नहीं ले पाते और भौतिक वस्तुओं में उन्हें कोई आनंद या सार नहीं मिलता। रोगी सदैव दुःखी रहते हैं; उन्हें न तो भौतिक सुख मिलता है और न ही सुख। 69। | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रोगार्दिता न फलान्याद्रियन्ते
न वै लभन्ते विषयेषु तत्त्वम्।
दु:खोपेता रोगिणो नित्यमेव
न बुध्यन्ते धनभोगान् न सौख्यम्॥ ६९॥
अनुवाद
रोगग्रस्त व्यक्ति मीठे फलों का स्वाद नहीं ले पाते और भौतिक वस्तुओं में उन्हें कोई आनंद या सार नहीं मिलता। रोगी सदैव दुःखी रहते हैं; उन्हें न तो भौतिक सुख मिलता है और न ही सुख। 69।
People suffering from illness do not appreciate sweet fruits and do not find any pleasure or essence in material things. The sick are always unhappy; they experience neither material enjoyments nor happiness. 69.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥