Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.59: नियमित रूप से जल देने से जो पतली लताएँ उगती हैं, वे अनेक वर्षों तक अनेक प्रकार के झोंके सहती हैं; यही बात सत्पुरुषों के विषय में भी समझनी चाहिए। (वे दुर्बल होने पर भी सामूहिक शक्ति के कारण बलवान हो जाते हैं।)॥59॥ | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नियमित रूप से जल देने से जो पतली लताएँ उगती हैं, वे अनेक वर्षों तक अनेक प्रकार के झोंके सहती हैं; यही बात सत्पुरुषों के विषय में भी समझनी चाहिए। (वे दुर्बल होने पर भी सामूहिक शक्ति के कारण बलवान हो जाते हैं।)॥59॥
Thin creepers that are grown by watering them regularly, bear many types of gusts for many years; the same should be understood about good men as well. (Even though they are weak, they become strong due to collective power.)॥ 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥