Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.56: जो लोग एक-दूसरे में भेद-भाव करते हैं, वे कभी धर्म का पालन नहीं करते। उन्हें सुख नहीं मिलता। उन्हें यश नहीं मिलता और उन्हें शांति की बातें भी पसंद नहीं आतीं ॥56॥ | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न वै भिन्ना जातु चरन्ति धर्मं
न वै सुखं प्राप्नुवन्तीह भिन्ना:।
न वै भिन्ना गौरवं प्राप्नुवन्ति
न वै भिन्ना: प्रशमं रोचयन्ति॥ ५६॥
अनुवाद
जो लोग एक-दूसरे में भेद-भाव करते हैं, वे कभी धर्म का पालन नहीं करते। उन्हें सुख नहीं मिलता। उन्हें यश नहीं मिलता और उन्हें शांति की बातें भी पसंद नहीं आतीं ॥56॥
Those who discriminate against each other never follow Dharma. They do not get happiness. They do not get glory and they do not like the talks of peace. ॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥