Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.20: जो व्यक्ति अपना धन बढ़ाना चाहता है, उसे केवल श्रेष्ठ पुरुषों की ही सेवा करनी चाहिए; आवश्यकता पड़ने पर वह साधारण लोगों की भी सेवा कर सकता है, किन्तु उसे कभी भी नीच लोगों की सेवा नहीं करनी चाहिए। 20. | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति अपना धन बढ़ाना चाहता है, उसे केवल श्रेष्ठ पुरुषों की ही सेवा करनी चाहिए; आवश्यकता पड़ने पर वह साधारण लोगों की भी सेवा कर सकता है, किन्तु उसे कभी भी नीच लोगों की सेवा नहीं करनी चाहिए। 20.
He who desires to increase his wealth should serve only the noble men; when the need arises he may serve even the mediocre men, but he should never serve the mean men. 20.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥