Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.2: प्राचीन काल की कथा है, महाज्ञानी महर्षि दत्तात्रेयजी उत्तम व्रत धारण करके हंस (परमहंस) रूप में विचरण कर रहे थे; उस समय साध्यदेवताओं ने उनसे पूछा॥2॥ | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्राचीन काल की कथा है, महाज्ञानी महर्षि दत्तात्रेयजी उत्तम व्रत धारण करके हंस (परमहंस) रूप में विचरण कर रहे थे; उस समय साध्यदेवताओं ने उनसे पूछा॥2॥
It is a story of ancient times, the great wise Maharishi Dattatreyaji, having good vows, was wandering in the form of a swan (Paramhansa); At that time the Sadhyadevatas asked him. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥