Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.35.54: हे राजन! ये आठ गुण मनुष्य लोक में स्वर्गलोक का दर्शन कराने वाले हैं; इनमें से चार गुण सदा महात्माओं से युक्त रहते हैं - उनमें सदा विद्यमान रहते हैं और चार गुणों का पालन सज्जन पुरुष करते हैं ॥ 54॥ | mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! ये आठ गुण मनुष्य लोक में स्वर्गलोक का दर्शन कराने वाले हैं; इनमें से चार गुण सदा महात्माओं से युक्त रहते हैं - उनमें सदा विद्यमान रहते हैं और चार गुणों का पालन सज्जन पुरुष करते हैं ॥ 54॥
O King! These eight qualities in the human world enable one to see the heavenly world; four of these are always associated with saints - they are always present in them and four are followed by noble men. ॥ 54॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥