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श्लोक 5.35.27  |
सुधन्वोवाच
उदकं मधुपर्कं च पथिष्वेवार्पितं मम।
प्रह्राद त्वं तु मे तथ्यं प्रश्नं प्रब्रूहि पृच्छत:।
किं ब्राह्मणा: स्विच्छ्रेयांस उताहो स्विद् विरोचन:॥ २७॥ |
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| अनुवाद |
| सुधन्वा ने कहा- प्रह्लाद! मुझे मार्ग में जल और मधुपर्क मिला है। तुम मेरे इस प्रश्न का सही उत्तर दो कि कौन श्रेष्ठ है, ब्राह्मण या विरोचन?॥27॥ |
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| Sudhanva said— Prahlad! I have found water and madhupark on the way. You give me the correct answer to the question I am asking—who is superior, Brahmin or Virochana?॥27॥ |
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