श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.35.10 
केशिन्युवाच
इहैवावां प्रतीक्षाव उपस्थाने विरोचन।
सुधन्वा प्रातरागन्ता पश्येयं वां समागतौ॥ १०॥
 
 
अनुवाद
केशिनी बोली- विरोचन! हम दोनों यहीं प्रतीक्षा करें; कल प्रातःकाल सुधन्वा यहाँ आयेंगे। तब मैं तुम दोनों को एक साथ उपस्थित देखूँगी॥ 10॥
 
Keshini said— Virochana! Let us both wait at this place; Sudhanva will come here tomorrow morning. Then I will see you both present together.॥ 10॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas