श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  5.34.81 
यस्मै देवा: प्रयच्छन्ति पुरुषाय पराभवम्।
बुद्धिं तस्यापकर्षन्ति सोऽवाचीनानि पश्यति॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
देवता जिस मनुष्य को पराजित करते हैं, उसकी बुद्धि पहले छीन लेते हैं; इससे वह बुरे कर्मों की ओर अधिक ध्यान देता है ॥81॥
 
The gods first take away the wisdom of the person whom they defeat; due to this he pays more attention to evil deeds. ॥ 81॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)