Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.33.122: अम्बिकानन्दन! राजा पाण्डु के पाँचों पुत्र, जो मृगरूपी ऋषि किन्दम के शाप से वन में उत्पन्न हुए थे, पाँचों इन्द्रियों के समान ही शक्तिशाली हैं। आपने ही उन्हें बचपन से पाला-पोसा और शिक्षित किया है। वे भी आपकी आज्ञा का पालन करते रहते हैं॥122॥ | mahabharat अध्याय 5.33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अम्बिकानन्दन! राजा पाण्डु के पाँचों पुत्र, जो मृगरूपी ऋषि किन्दम के शाप से वन में उत्पन्न हुए थे, पाँचों इन्द्रियों के समान ही शक्तिशाली हैं। आपने ही उन्हें बचपन से पाला-पोसा और शिक्षित किया है। वे भी आपकी आज्ञा का पालन करते रहते हैं॥122॥
Ambikanandan! The five sons of King Pandu who were born in the forest while he was under the curse of sage Kindam who took the form of a deer, are as powerful as the five senses themselves. You have reared and educated them since their childhood. They too continue to obey your orders.॥ 122॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥