Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.33.120: जो मनुष्य सब प्राणियों को शांति देने में तत्पर रहता है, सत्यवादी, सज्जन, दूसरों का आदर करने वाला और शुद्ध विचारों वाला होता है, वह अपनी जाति के लोगों में उत्तम खान से निकले हुए चमकते हुए रत्न के समान प्रसिद्ध होता है ॥120॥ | mahabharat अध्याय 5.33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य सब प्राणियों को शांति देने में तत्पर रहता है, सत्यवादी, सज्जन, दूसरों का आदर करने वाला और शुद्ध विचारों वाला होता है, वह अपनी जाति के लोगों में उत्तम खान से निकले हुए चमकते हुए रत्न के समान प्रसिद्ध होता है ॥120॥
A person who is ready to give peace to all beings, is truthful, gentle, respects others and has pure thoughts, becomes famous among his caste people like a shining gem taken out from a good mine. ॥ 120॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥