Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.29.45: जब पाण्डवों ने वन में जाने के लिए कृष्ण का चर्म धारण करना चाहा, तब दु:शासन ने उनसे बहुत कठोर वचन कहे - 'ये सब नपुंसक अब नष्ट हो गए हैं; ये बहुत समय तक नरक के गड्ढे में पड़े रहे हैं।'॥ 45॥ | mahabharat अध्याय 5.29: संजयकी बातोंका प्रत्युत्तर देते हुए श्रीकृष्णका उसे धृतराष्ट्रके लिये चेतावनी देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब पाण्डवों ने वन में जाने के लिए कृष्ण का चर्म धारण करना चाहा, तब दु:शासन ने उनसे बहुत कठोर वचन कहे - 'ये सब नपुंसक अब नष्ट हो गए हैं; ये बहुत समय तक नरक के गड्ढे में पड़े रहे हैं।'॥ 45॥
When the Pandavas wanted to wear the skin of Krishna for going to the forest, Dushasan said many harsh words to them - 'All these eunuchs are now destroyed; they have fallen into the pit of hell for a long time.'॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥