श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 29: संजयकी बातोंका प्रत्युत्तर देते हुए श्रीकृष्णका उसे धृतराष्ट्रके लिये चेतावनी देना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  5.29.38 
तं चेत् तदा ते सकुमारवृद्धा
अवारयिष्यन् कुरव: समेता:।
मम प्रियं धृतराष्ट्रोऽकरिष्यत्
पुत्राणां च कृतमस्याभविष्यत्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
यदि बालकों से लेकर वृद्धों तक सभी कौरव उस समय दु:शासन को रोक लेते, तो राजा धृतराष्ट्र मेरा परम प्रिय कार्य कर लेते और उनके पुत्रों की भी मनोकामना पूर्ण हो जाती ॥38॥
 
If all the Kauravas, from children to the elderly, had stopped Dushasan at that time, then King Dhritarashtra would have accomplished what was most dear to me and the cherished desire of his sons also would have been fulfilled. ॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)