Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.27.21: पाण्डुकुमार! अज्ञानी या पापी मनुष्य भी युद्ध करके धन प्राप्त करता है और बुद्धिमान या धार्मिक मनुष्य भी दैवी बाधा से पराजित होकर अपना धन खो देता है॥21॥ | mahabharat अध्याय 5.27: संजयका युधिष्ठिरको युद्धमें दोषकी सम्भावना बतलाकर उन्हें युद्धसे उपरत करनेका प्रयत्न करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अप्राज्ञो वा पाण्डव युध्यमानो-
ऽधर्मज्ञो वा भूतिमथोऽभ्युपैति।
प्रज्ञावान् वा बुध्यमानोऽपि धर्मं
संस्तम्भाद् वा सोऽपि भूतेरपैति॥ २१॥
अनुवाद
पाण्डुकुमार! अज्ञानी या पापी मनुष्य भी युद्ध करके धन प्राप्त करता है और बुद्धिमान या धार्मिक मनुष्य भी दैवी बाधा से पराजित होकर अपना धन खो देता है॥21॥
Pandukumar! An ignorant or sinful man also acquires wealth by fighting and an intelligent or religious man also loses his wealth after being defeated due to divine hindrance. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥