ते चेत् कुरूननुशिष्याथ पार्था
निर्णीय सर्वान् द्विषतो निगृह्य।
समं वस्तज्जीवितं मृत्युना स्याद्
यज्जीवध्वं ज्ञातिवधे न साधु॥ ९॥
अनुवाद
हे कुन्तीपुत्रों! यदि तुम समस्त कौरवों को अपना शत्रु समझकर उन्हें दण्ड दोगे, बन्दी बनाओगे या मार डालोगे, तो तुम्हारा जीवन अच्छा नहीं माना जाएगा, क्योंकि तुम अपने परिवार के सदस्यों का वध करोगे। वह निंदित जीवन मृत्यु के समान होगा॥9॥
O sons of Kunti! If you consider all the Kauravas as your enemies and punish them, imprison them or kill them, then your life will not be considered good because you will kill your family members. That condemned life will be equal to death.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥