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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 20: द्रुपदके पुरोहितका कौरवसभामें भाषण
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श्लोक 15
श्लोक
5.20.15
यश्चापि धार्तराष्ट्रस्य हेतु: स्याद् विग्रहं प्रति।
स च हेतुर्न मन्तव्यो बलीयांसस्तथा हि ते॥ १५॥
अनुवाद
दुर्योधन ने युद्ध करने के लिए जो कारण बताया है, उसे सत्य नहीं मानना चाहिए; क्योंकि पाण्डव कौरवों से कहीं अधिक बलवान हैं॥15॥
The reason put forward by Duryodhan for going to war should not be taken as true; because the Pandavas are much stronger than the Kauravas.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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