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mahabharat 5.193.17: महाबाहो! यद्यपि मैं वृद्ध हो गया हूँ और मेरा तेज और बल क्षीण हो गया है, फिर भी मैं अपने अस्त्रों की अग्नि से पाण्डवों की विशाल सेना का संहार कर दूँगा।   |   mahabharat अध्याय 5.193: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्म आदिके द्वारा अपनी-अपनी शक्तिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 193: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्म आदिके द्वारा अपनी-अपनी शक्तिका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  5.193.17 
स्थविरोऽस्मि महाबाहो मन्दप्राणविचेष्टित:।
शस्त्राग्निना निर्दहेयं पाण्डवानामनीकिनीम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! यद्यपि मैं वृद्ध हो गया हूँ और मेरा तेज और बल क्षीण हो गया है, फिर भी मैं अपने अस्त्रों की अग्नि से पाण्डवों की विशाल सेना का संहार कर दूँगा।
 
Mahabaho! Though I have grown old and my energy and strength have diminished, I will still destroy the huge army of the Pandavas with the fire of my weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)