vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 190: हिरण्यवर्माके आक्रमणके भयसे घबराये हुए द्रुपदका अपनी महारानीसे संकटनिवारणका उपाय पूछना
»
श्लोक 2
श्लोक
5.190.2
स यत्नमकरोत् तीव्रं सम्बन्धिन्यनुमानने।
दूतैर्मधुरसम्भाषैर्न तदस्तीति संदिशन्॥ २॥
अनुवाद
उसने अपने सम्बन्धी को समझाने के लिए मीठी-मीठी बातें करने वाले दूत भेजे और कहा, 'ऐसा नहीं है (तुम्हारे साथ कोई धोखा नहीं हुआ है)।'
He made a great effort to persuade his relative by sending sweet-spoken messengers, saying, 'This is not the case (you have not been deceived).'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×