श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 190: हिरण्यवर्माके आक्रमणके भयसे घबराये हुए द्रुपदका अपनी महारानीसे संकटनिवारणका उपाय पूछना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.190.2 
स यत्नमकरोत् तीव्रं सम्बन्धिन्यनुमानने।
दूतैर्मधुरसम्भाषैर्न तदस्तीति संदिशन्॥ २॥
 
 
अनुवाद
उसने अपने सम्बन्धी को समझाने के लिए मीठी-मीठी बातें करने वाले दूत भेजे और कहा, 'ऐसा नहीं है (तुम्हारे साथ कोई धोखा नहीं हुआ है)।'
 
He made a great effort to persuade his relative by sending sweet-spoken messengers, saying, 'This is not the case (you have not been deceived).'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)