श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 190: हिरण्यवर्माके आक्रमणके भयसे घबराये हुए द्रुपदका अपनी महारानीसे संकटनिवारणका उपाय पूछना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.190.14 
अभियास्यति मां कोपात् सम्बन्धी सुमहाबल:।
हिरण्यवर्मा नृपति: कर्षमाणो वरूथिनीम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
देवि! मेरा पराक्रमी बंधु हिरण्यवर्मा क्रोधित होकर अपनी विशाल सेना के साथ मुझ पर आक्रमण करेगा॥ 14॥
 
Devi! My mighty relative Hiranyavarma will, in anger, attack me with his huge army.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)