श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 19: युधिष्ठिर और दुर्योधनके यहाँ सहायताके लिये आयी हुई सेनाओंका संक्षिप्त विवरण  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.19.7 
तथैवाक्षौहिणीं गृह्य चेदीनामृषभो बली।
धृष्टकेतुरुपागच्छत् पाण्डवानमितौजस:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार चेदि के पराक्रमी राजा धृष्टकेतु अपनी एक अक्षौहिणी सेना के साथ अत्यन्त तेजस्वी होकर पाण्डवों के पास आये।
 
Similarly, the mighty King of Chedi, Dhrishtaketu, along with his one Akshauhini army, came to the Pandavas with immense brilliance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)