बभूव कौरवेयाणां बलेनातीव संवृत:।
तत्र सैन्यं तथा युक्तं ददर्श स पुरोहित:॥ ३२॥
य: स पाञ्चालराजेन प्रेषित: कौरवान् प्रति॥ ३३॥
अनुवाद
पांचाल नरेश द्रुपद ने जिन ब्राह्मण पुरोहितों को कौरवों के पास भेजा था, वे वहाँ पहुँचे और उन्होंने सेना का विशाल समूह देखा ॥32-33॥
The Brahmin priests whom King Drupada of Panchala had sent to the Kauravas, reached there and saw the huge gathering of the army. ॥ 32-33॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि सेनोद्योगपर्वणि पुरोहितसैन्यदर्शने एकोनविंशोऽध्याय:॥ १९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत सेनोद्योगपर्वमें पुरोहितके द्वारा सैन्यदर्शनविषयक उन्नीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥