श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 19: युधिष्ठिर और दुर्योधनके यहाँ सहायताके लिये आयी हुई सेनाओंका संक्षिप्त विवरण  »  श्लोक 32-33
 
 
श्लोक  5.19.32-33 
बभूव कौरवेयाणां बलेनातीव संवृत:।
तत्र सैन्यं तथा युक्तं ददर्श स पुरोहित:॥ ३२॥
य: स पाञ्चालराजेन प्रेषित: कौरवान् प्रति॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
पांचाल नरेश द्रुपद ने जिन ब्राह्मण पुरोहितों को कौरवों के पास भेजा था, वे वहाँ पहुँचे और उन्होंने सेना का विशाल समूह देखा ॥32-33॥
 
The Brahmin priests whom King Drupada of Panchala had sent to the Kauravas, reached there and saw the huge gathering of the army. ॥ 32-33॥
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि सेनोद्योगपर्वणि पुरोहितसैन्यदर्शने एकोनविंशोऽध्याय:॥ १९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत सेनोद्योगपर्वमें पुरोहितके द्वारा सैन्यदर्शनविषयक उन्नीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)