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mahabharat 5.19.27-28h: इस प्रकार कुल ग्यारह अक्षौहिणी सेनाएँ दुर्योधन के चारों ओर एकत्रित हो गयी थीं, जो नाना प्रकार की ध्वजाओं और पताकाओं से सुशोभित थीं तथा कुन्तीपुत्रों से युद्ध करने के लिए उत्साहित थीं।   |   mahabharat अध्याय 5.19: युधिष्ठिर और दुर्योधनके यहाँ सहायताके लिये आयी हुई सेनाओंका संक्षिप्त विवरण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 19: युधिष्ठिर और दुर्योधनके यहाँ सहायताके लिये आयी हुई सेनाओंका संक्षिप्त विवरण  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  5.19.27-28h 
एवमेकादशावृत्ता: सेना दुर्योधनस्य ता:॥ २७॥
युयुत्समाना: कौन्तेयान् नानाध्वजसमाकुला:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार कुल ग्यारह अक्षौहिणी सेनाएँ दुर्योधन के चारों ओर एकत्रित हो गयी थीं, जो नाना प्रकार की ध्वजाओं और पताकाओं से सुशोभित थीं तथा कुन्तीपुत्रों से युद्ध करने के लिए उत्साहित थीं।
 
In this way, a total of eleven Akshauhini armies had gathered around Duryodhana, which were decorated with various flags and banners and were enthusiastic about fighting with the sons of Kunti.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)