श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 19: युधिष्ठिर और दुर्योधनके यहाँ सहायताके लिये आयी हुई सेनाओंका संक्षिप्त विवरण  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.19.1 
वैशम्पायन उवाच
युयुधानस्ततो वीर: सात्वतानां महारथ:।
महता चतुरङ्गेण बलेनागाद् युधिष्ठिरम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं- जनमेजय! तदनन्तर सात्वतवंश के महारथी युयुधान (सात्यकि) विशाल चतुरंगिणी सेना लेकर युधिष्ठिर के पास आये।
 
Vaishampayanji says – Janamejaya! Thereafter, the great warrior Yuyudhan (Satyaki) of Satvatvansh came to Yudhishthir with a huge Chaturangini army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)