श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 189: शिखण्डीका विवाह तथा उसके स्त्री होनेका समाचार पाकर उसके श्वशुर दशार्णराजका महान् कोप  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.189.4 
द्रुपद उवाच
कन्या ममेयं सम्प्राप्ता यौवनं शोकवर्धिनी।
मया प्रच्छादिता चेयं वचनाच्छूलपाणिन:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
द्रुपद ने कहा - देवी! मेरी इस पुत्री ने युवावस्था प्राप्त करके मेरा शोक बढ़ा दिया है। मैंने भगवान शंकर के वचनों पर विश्वास करके अब तक इसके कौमार्य को छिपाकर रखा था।
 
Drupada said - Devi! This daughter of mine has increased my grief by attaining youth. I had kept her girlhood hidden till now by believing in the words of Lord Shankar. 4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)