श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 189: शिखण्डीका विवाह तथा उसके स्त्री होनेका समाचार पाकर उसके श्वशुर दशार्णराजका महान् कोप  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.189.15 
ततस्ता राजशार्दूल धात्र्यो दाशार्णिकास्तदा।
जग्मुरार्तिं परां प्रेष्या: प्रेषयामासुरेव च॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! यह सुनकर दशार्णदेश की धात्रियाँ बहुत दुःखी हुईं। उन्होंने दशार्णराज के पास यह समाचार पहुँचाने के लिए बहुत-सी दासियाँ भेजीं।
 
O best king! On hearing this, the nurses of Dasharnadesh were very sad. They sent many maids to Dasharnaraj to convey this news.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)