Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.185.23-24: राजन! तब वे ऋचीक आदि मुनि नारदजी के साथ मेरे पास आये और इस प्रकार बोले - 'तात! आप स्वयं युद्ध से हट जाइये और दोनों में श्रेष्ठ परशुरामजी का अनुसरण कीजिये। | mahabharat अध्याय 5.185: देवताओंके मना करनेसे भीष्मका प्रस्वापनास्त्रको प्रयोगमें न लाना तथा पितर, देवता और गंगाके आग्रहसे भीष्म और परशुरामके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! तब वे ऋचीक आदि मुनि नारदजी के साथ मेरे पास आये और इस प्रकार बोले - 'तात! आप स्वयं युद्ध से हट जाइये और दोनों में श्रेष्ठ परशुरामजी का अनुसरण कीजिये।
Rajan! Then he came to me along with Richik Adi Muni Naradji and said thus – ‘Tat! You yourself should withdraw from the war and follow the example of Parshuramji, the best of the two.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥