श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 179: संकल्पनिर्मित रथपर आरूढ़ परशुरामजीके साथ भीष्मका युद्ध प्रारम्भ करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.179.6 
ततोऽपश्यं जामदग्न्यं रथमध्ये व्यवस्थितम्।
सर्वायुधवरे श्रीमत्यद्‍भुतोपमदर्शने॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस समय मैंने देखा कि जमदग्निपुत्र परशुरामजी श्रेष्ठ अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित रथ पर बैठे हुए थे, जो अत्यंत शोभायमान एवं अद्भुत लग रहा था।
 
At that time I saw that Jamadagni's son Parasurama was seated in a chariot decorated with all the best weapons and looked illustrious and wonderful.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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