श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 179: संकल्पनिर्मित रथपर आरूढ़ परशुरामजीके साथ भीष्मका युद्ध प्रारम्भ करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.179.2 
आरोह स्यन्दनं वीर कवचं च महाभुज।
बधान समरे राम यदि योद्‍धुं मयेच्छसि॥ २॥
 
 
अनुवाद
"महाबाहो! वीर राम! यदि तुम मेरे साथ युद्धभूमि में युद्ध करना चाहते हो, तो रथ पर चढ़ो और कवच भी धारण करो।"॥2॥
 
"Mahabaho! Brave Rama! If you wish to fight with me on the battlefield, then get on the chariot and wear the armour as well."॥2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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