Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.178.9-10: महाबाहो! यह कन्या आपकी शरण में आई है, अतः आपको इसका परित्याग नहीं करना चाहिए। हे भृगुपुत्र राम! यदि भीष्म युद्ध में आपके आह्वान पर आगे आकर अपनी पराजय स्वीकार कर लें अथवा आपकी बात मान लें, तो इस कन्या का कार्य सिद्ध हो जाएगा॥ 9-10॥ | mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शरणागतां महाबाहो कन्यां न त्यक्तुमर्हसि।
यदि भीष्मो रणे राम समाहूतस्त्वया मृधे॥ ९॥
निर्जितोऽस्मीति वा ब्रूयात् कुर्याद् वा वचनं तव।
कृतमस्या भवेत् कार्यं कन्याया भृगुनन्दन॥ १०॥
अनुवाद
महाबाहो! यह कन्या आपकी शरण में आई है, अतः आपको इसका परित्याग नहीं करना चाहिए। हे भृगुपुत्र राम! यदि भीष्म युद्ध में आपके आह्वान पर आगे आकर अपनी पराजय स्वीकार कर लें अथवा आपकी बात मान लें, तो इस कन्या का कार्य सिद्ध हो जाएगा॥ 9-10॥
‘Mahabaho! This girl has come to you for refuge; therefore you should not abandon her. O son of Bhrigu, Ram! If Bhishma comes forward on your call in the war and accepts his defeat or accepts your words, then this girl's task will be accomplished.॥ 9-10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥