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mahabharat 5.178.81: राजन! कुरुक्षेत्र में पहुँचकर मैं और महाबली परशुराम दोनों ही अचानक युद्ध के लिए तैयार हो गए और एक-दूसरे का पराक्रम दिखाने लगे॥81॥   |   mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  5.178.81 
गत्वाहं तत् कुरुक्षेत्रं स च राम: प्रतापवान्।
युद्धाय सहसा राजन् पराक्रान्तौ परस्परम्॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
राजन! कुरुक्षेत्र में पहुँचकर मैं और महाबली परशुराम दोनों ही अचानक युद्ध के लिए तैयार हो गए और एक-दूसरे का पराक्रम दिखाने लगे॥81॥
 
Rajan! After reaching Kurukshetra, both I and the mighty Parashuram suddenly got ready for the war and showed each other's bravery. 81॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)