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कार्यमेतन्महद् ब्रह्मन् काशिकन्यामनोगतम्।
गमिष्यामि स्वयं तत्र कन्यामादाय यत्र स:॥ १७॥
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! काशीराज की कन्या ने जो कार्य मन में किया है, वह महान है। उसकी सिद्धि के लिए मैं स्वयं इस कन्या को अपने साथ वहाँ ले जाऊँगा जहाँ भीष्म हैं॥ 17॥
O Brahman! The task which the daughter of the King of Kashi has in mind is great. For its accomplishment, I will myself take this girl along with me to the place where Bhishma is.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥