Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.178.15: भृगुनन्दन राम! इस प्रकार कुरुकुल का भार वहन करने वाले भीष्म ने समस्त क्षत्रियों को जीत लिया है; अतः तुम युद्ध में जाकर उनसे युद्ध करो॥15॥ | mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स एवं विजयी राम भीष्म: कुरुकुलोद्वह:।
तेन युध्यस्व संग्रामे समेत्य भृगुनन्दन॥ १५॥
अनुवाद
भृगुनन्दन राम! इस प्रकार कुरुकुल का भार वहन करने वाले भीष्म ने समस्त क्षत्रियों को जीत लिया है; अतः तुम युद्ध में जाकर उनसे युद्ध करो॥15॥
Bhrigunandan Ram! Thus Bhishma, bearing the burden of Kurukula, has conquered all the Kshatriyas; Therefore, you go and fight against him in the battle. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥