श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 176: तापसोंके आश्रममें राजर्षि होत्रवाहन और अकृतव्रणका आगमन तथा उनसे अम्बाकी बातचीत  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  5.176.52 
तच्छ्रुत्वा वचनं भीष्म: सम्मन्त्र्य सह मन्त्रिभि:।
निश्चित्य विससर्जेमां सत्यवत्या मते स्थित:॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
अम्बक के ये वचन सुनकर भीष्म ने अपने मंत्रियों से परामर्श करके तथा माता सत्यवती की सलाह लेकर एक निर्णय लिया और कन्या को छोड़ दिया।
 
On hearing these words of Ambaka, Bhishma, after consulting with his ministers and taking the advice of mother Satyavati, arrived at a decision and released the girl.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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