श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 175: अम्बाका शाल्वके यहाँ जाना और उससे परित्यक्त होकर तापसोंके आश्रममें आना, वहाँ शैखावत्य और अम्बाका संवाद  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.175.26 
भीष्म उवाच
निष्क्रामन्ती तु नगराच्चिन्तयामास दु:खिता।
पृथिव्यां नास्ति युवतिर्विषमस्थतरा मया॥ २६॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं - हे राजन! नगर से जाते समय वह दुःखी स्त्री इस प्रकार चिंता करने लगी - 'इस पृथ्वी पर ऐसी कोई युवती नहीं होगी जो मेरे समान महान् संकट में पड़ गई हो॥ 26॥
 
Bhishma says - O King! While leaving the city that distressed woman began to worry like this - 'There would not be any such young girl on this earth who has fallen into such a great trouble as I have.॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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