vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 175: अम्बाका शाल्वके यहाँ जाना और उससे परित्यक्त होकर तापसोंके आश्रममें आना, वहाँ शैखावत्य और अम्बाका संवाद
»
श्लोक 24
श्लोक
5.175.24
गच्छ गच्छेति तां शाल्व: पुन: पुनरभाषत।
बिभेमि भीष्मात् सुश्रोणि त्वं च भीष्मपरिग्रह:॥ २४॥
अनुवाद
शाल्व ने उससे बार-बार कहा- 'सुष्रोणि! तुम जाओ, चले जाओ, मैं भीष्म से डरता हूँ। तुम्हें भीष्म ने गोद ले लिया है।'॥ 24॥
Shalva repeatedly told her- 'Sushroni! You go, go away, I am afraid of Bhishma. You have been adopted by Bhishma.'॥ 24॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas