श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.172.13 
ये चैव ते रथोदारा: पाण्डुपुत्रस्य सैनिका:।
सहसैन्यानहं तांश्च प्रतीयां रणमूर्धनि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
मैं युद्ध के द्वार पर पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर के अन्य श्रेष्ठ रथियों और उनकी सेनाओं का सामना करूँगा ॥13॥
 
I will confront all the other excellent charioteers of Yudhishthira, son of Pandu, and their armies at the threshold of battle. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)