Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.17.4: इंद्र बोले - महर्षि! आपका हार्दिक स्वागत है। मुझे आपके दर्शन पाकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। मैं यह जल, जल, पेय और गौ आपको समर्पित करता हूँ। कृपया मेरी दी हुई ये सभी वस्तुएँ स्वीकार करें। | mahabharat अध्याय 5.17: अगस्त्यजीका इन्द्रसे नहुषके पतनका वृत्तान्त बताना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र उवाच
स्वागतं ते महर्षेऽस्तु प्रीतोऽहं दर्शनात् तव।
पाद्यमाचमनीयं च गामर्घ्यं च प्रतीच्छ मे॥ ४॥
अनुवाद
इंद्र बोले - महर्षि! आपका हार्दिक स्वागत है। मुझे आपके दर्शन पाकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। मैं यह जल, जल, पेय और गौ आपको समर्पित करता हूँ। कृपया मेरी दी हुई ये सभी वस्तुएँ स्वीकार करें।
Indra said - Maharishi! You are most welcome. I am very pleased to see you. I dedicate this water, water, drink and cow to you. Please accept all these things offered by me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥