Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.169.24-25: धनंजय का सामना केवल मैं या द्रोणाचार्य ही कर सकते हैं। हे राजन! दोनों सेनाओं में कोई तीसरा सारथी नहीं है जो बाण वर्षा करते हुए अर्जुन के सामने जा सके। | mahabharat अध्याय 5.169: पाण्डवपक्षके रथी आदिका एवं उनकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहं चैनं प्रत्युदियामाचार्यो वा धनंजयम्॥ २४॥
न तृतीयोऽस्ति राजेन्द्र सेनयोरुभयोरपि।
य एनं शरवर्षाणि वर्षन्तमुदियाद् रथी॥ २५॥
अनुवाद
धनंजय का सामना केवल मैं या द्रोणाचार्य ही कर सकते हैं। हे राजन! दोनों सेनाओं में कोई तीसरा सारथी नहीं है जो बाण वर्षा करते हुए अर्जुन के सामने जा सके।
Only I or Dronacharya can face Dhananjaya. O King! There is no third charioteer in both the armies who can go in front of Arjuna showering arrows. 24-25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥