श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवपक्षके रथी आदिका एवं उनकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.169.2 
यदि कौतूहलं तेऽद्य पाण्डवानां बले नृप।
रथसंख्यां शृणुष्व त्वं सहैभिर्वसुधाधिपै:॥ २॥
 
 
अनुवाद
महाराज! अब यदि आप पाण्डव सेना के विषय में जानने के लिए उत्सुक हैं, तो इन भूमिपालों सहित उनके सारथिओं की सूची भी सुनिए।
 
King! Now if you are curious to know about the Pandava army, then listen to the list of their charioteers along with these Bhumipalas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)